वरिष्ठ साहित्यकार रंगनाथ मिश्र का आकस्मिक निधन | अखिल भारतीय अगीत परिषद

लखनऊ : वरिष्ठ साहित्यकार रंगनाथ मिश्र का आकस्मिक निधन दिनांक 1.2.2022 को उनके निजी आवास राजाजीपुरम लखनऊ में हो गया है । उनके निधन पर सभी साहित्कार बंधु उनके परिचित मित्रगण सूचना से अवगत होकर बहुत बड़े दुख का अनुभव कर रहे हैं। डॉ.सत्य के निधन पर सृजन संस्थान के तत्वावधान में शत्रुघ्न सिंह चौहान … Read more

हिंदी के प्रमुख साहित्यकारों के लोकप्रिय नाम

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हिंदी के साहित्यकारों को सीमित दायरे में बांधा नहीं जा सकता है। साहित्यकारों के लिए खुला आकाश है तो स्वच्छंद जमीं। कवि या लेखक अपनी कल्पनाओं से किसी वस्तु, स्थान, व्यक्ति आदि का मानो सजीव चित्रण प्रस्तुत करता है, तो कभी यथार्थ लिखता है। उन कवियों/लेखकों की अपरिमित योग्यता देखते हुए प्रस्तुत हैं 51 साहित्यकारों … Read more

सुमित्रानंदन पंत के काव्य में सुंदरम का दर्शन

सुमित्रानंदन पंत के काव्य में सुंदरम का दर्शन पंत जी ने प्रकृति के माध्यम से सौन्दर्यानुभूति की कल्पना करते हुए नायिका के कोमल अंगों की तुलना सोनजुही की बेल से किया है। ‘सोनजूही की कली’ कविता में यदि नायिका सोनजूही है तो नायक भी पवन है। कहने का आशय है- पंत जी ने अपनी कविताओं … Read more

मैथिलीशरण गुप्त की नारी भावना चित्रण | maithili sharan gupt ki nari bhavna

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मैथिलीशरण गुप्त की नारी भावना चित्रण | maithili sharan gupt ki nari bhavna राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जीवन परिचय राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 3 अगस्त सन 1886 को चिरगांव जिला झांसी में हुआ था। आप खड़ी बोली के रचनाकार और द्विवेदी युग के कवि हैं। मैथिलीशरण गुप्त को राष्ट्रकवि की संज्ञा महात्मा गांधी ने … Read more

शिल्पी चड्डा स्मृति सम्मान 2021- परिणामों की घोषणा

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शिल्पी चड्डा स्मृति सम्मान, 2021-  परिणामों की घोषणा सविता चड्डा जन सेवा समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष 12 दिसंबर को दिए जाने वाले चार पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। शिल्पी चड्डा स्मृति सम्मान :  डॉ. मंजु रूस्तगी, चेन्नई हीरो में हीरा सम्मान: ओम प्रकाश प्रजापति, ट्रू मीडिया, दिल्ली गीतकारश्री सम्मान :  डॉ. मधु चतुर्वेदी,गजरौला  … Read more

जयशंकर प्रसाद कृत नाटकों के प्रगीतों में छायावादी तत्व

जयशंकर प्रसाद कृत नाटकों के प्रगीतों में छायावादी तत्व कवि जयशंकर प्रसाद का साहित्यिक परिचय मूलतः कवि, कहानी, नाटक, निबंध, उपन्यास जैसी विधाओं को अपनी प्रतिभा से विभूषित करने वाले कविवर जयशंकर प्रसाद का जन्म काशी में 30 जनवरी सन 1890 को हुआ। साहित्य और राष्ट्र की सेवा करते हुए 15 नवंबर सन 1937 को … Read more

अँगूठी ने खोला भेद | हिमाचल प्रदेश की लोककथा | आशा शैली

अँगूठी ने खोला भेद | हिमाचल प्रदेश की लोककथा | आशा शैली महासवी लोककथा का स्वरूप लोककथा के इतिहास को खंगालने लगें तो हम देखते हैं कि लोककथा की परम्परा धरती के हर कोने में रही है, यह निर्विवाद सत्य है। लेखन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कहानी कहने-सुनने की उत्सुकता ने ही … Read more

saamaajik chunautiyaan/बाबा कल्पनेश

विषय-सामाजिक चुनौतियाँ (saamaajik chunautiyaan) saamaajik chunautiyaan:मानव सभ्यता के उदयकाल से ही मानव समाज को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इन चुनौतियों को पहचान कर इनके समाधान की दिशा में कदम बढ़ाना हमारे मनीषियों की दैनिक चिंतन चर्या रही है।आज का यह विषय निर्धारण को भी उसी तरह की चिंतन चर्या की संज्ञा से हम … Read more

hindi diwas speech/के0डी0 हिंदी शोध संस्थान, रायबरेली

हर घर की नाम पट्टिका हो हिंदी में : डॉ चंपा श्रीवास्तव hindi diwas speech:के0डी0 हिंदी शोध संस्थान, रायबरेली की तरफ से विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में डॉ चंपा श्रीवास्तव पूर्व अध्यक्ष कला संकाय अधिष्ठाता छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर ने अपने उद्बोधन में कहा के हिंदी आज न कि … Read more

swami vivekananda  ideas/आधुनिक भारत के निर्माण में

आधुनिक भारत के निर्माण में स्वामी विवेकानन्द के विचारों की प्रासंगिकता swami vivekananda  ideas:लेख का प्रारम्भ दो घटनाओं से करना चाहूँगा | बालक नरेन्द्र नाथ के पिता के निधन के उपरांत उनके घर की स्थिति बहुत ही ख़राब हो गई। खाने के लिए भी अन्न नहीं था। नौकरी भी नहीं मिल रही थी। तब माँ … Read more