कलम – ए – दर्द ” कहानी | हिंदी कहानी | अभय प्रताप सिंह फियरलेस

कलम – ए – दर्द ” कहानी | हिंदी कहानी | अभय प्रताप सिंह फियरलेस मैं लिखना चाहता हूं , लेखक बनना चाहता हूं , और अब मैं लिखना शुरू कर दिया हूं , धीरे – धीरे ही सही पर अब लिखने लगा हूं क्योंकि मैं बहुत दिनों से कुछ लिखने का प्रयास कर रहा … Read more

संचार क्रांति और भाषिक उदासीनता | हिंदी दिवस विशेष

“संस्कृत माँ, हिंदी गृहिणी और अंग्रेजी नौकरानी है।” ◆डॉ फादर कामिल बुल्के। विभिन्न मामलों में प्रगति के विविध सोपानों को तय करता हुआ हमारा देश भारत समृद्धि के पथ पर अग्रसर है। सूचना-क्रांति के इस युग में आज भौतिकता की दृष्टि से जितना समृद्ध हम आज हैं, उतना पहले कभी न थे। हम आध्यात्मिक दृष्टि … Read more

पूर्वजों का स्मृतिकाल पितृपक्ष

अश्विन (क्वांर) मास की कृष्ण पक्ष की प्रथमा तिथि से अमावस्या तक पितृपक्ष मनाया जाता है। पितृपक्ष का शाब्दिक अर्थ है- पिता का पक्ष, अर्थात पूर्वजों का पखवाड़ा। *”श्रद्धया इदं श्राद्धम”*, अर्थात जो कार्य श्रद्धा से किया जाए, वही श्राद्ध है। इसी अन्तःमंन भावना से पूर्वजों (पितरों) को जल देकर स्मरण किया जाता है, उनसे … Read more

अतीत के झरोखे से /सम्पूर्णानंद मिश्र

अतीत के झरोखे से /सम्पूर्णानंद मिश्र आज दिनांक 7 सितंबर का दिन मेरी ज़िन्दगी का अहम दिन है। 7 सितंबर 2002 दिन शनिवार को जम्मू-कश्मीर में अवस्थित केन्द्रीय विद्यालय किश्तवाड़, जिसे केन्द्रीय विद्यालय संगठन की स्थानांतरण नियमावली में कठिन क्षेत्र माना जाता है, में मैंने बतौर स्नातकोत्तर शिक्षक हिंदी, कार्यभार ग्रहण किया था। बेरोज़गारी के … Read more

टूटती सांसे कहानी / अभय प्रताप सिंह

टूटती सांसे कहानी / अभय प्रताप सिंह शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर हरे भरे पेड़ – पौधे और नदी के किनारे बसा एक छोटा सा खूबसूरत गांव जिसमें सैकड़ों घर बसे हुए थे और उन्ही घरों के बीच एक शुकुल जी का भी घर था। हर एक व्यक्ति उस गांव में अपने रोज़ के … Read more

किस्सा एक मुलाकात का (संस्मरण) | आशा शैली

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किस्सा एक मुलाकात का (संस्मरण) | आशा शैली पहली बार जब साहित्य मंच के कार्यक्रम में भाग लेने जालन्धर गई, तब मेरा परिचय मंच के अध्यक्ष जगदीश चन्षद्र से हुआ। उनका निवास माडल टाउन में था। मेरे रुकने की व्यवस्था स्काई लार्क होटल में की गई थी। मैं संस्था के सचिव प्रोफेसर मेहर गेरा के … Read more

हिंदी कहानी मुट्ठी भर जिंदगी | अभय प्रताप सिंह

“ मुट्ठी भर जिंदगी “ शहर से दूर गंगा नदी के किनारे बसा एक ऐसा गांव और उस गांव में बसा महतो काका का परिवार मानों ” सोने पर सुहागा ” वाले कहावत से मिलता जुलता हो , जितना सुंदर वो गांव उससे कई गुना ज्यादा सुंदर महतो काका का परिवार भी था। महतो काका … Read more

ड्यूटी | लघुकथा | रत्ना सिंह

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ड्यूटी | लघुकथा | रत्ना सिंह तुम्हारा ही घर है बेटा एक बार नहीं अनेक बार कहती हैं फिर भी पता नहीं जैसे ही फोन आता श्रेया तुम बाहर जाओ, थोड़ी देर में बुला लूंगी।अभी जरा व्यक्तिगत बात करनी है।ये व्यक्तिगत बात क्या होती है श्रेया ने हमेशा से यही सुना और देखा की व्यक्तिगत … Read more

Biography of Poet Pradeep Maurya | प्रदीप मौर्या का जीवन परिचय

Biography of Poet Pradeep Maurya | प्रदीप मौर्या का जीवन परिचय जीवन परिचय (1999-अब तक) आईए जानते है प्रदीप मौर्य का प्रदीप प्यारे तक सफ़र मै आपको बताता चलूँ कि प्रदीप मौर्य का जन्म 1999 को उत्तरप्रदेश के जिला रायबरेली के कैड़ावा नामक गाँव में हुआ था इनके पिता का नाम श्रीपाल मौर्य जो कृषक … Read more

हिमाचल की भीमाकाली और सराहन / आशा शैली

हिमाचल की भीमाकाली और सराहन / आशा शैली हिमाचल प्रदेश का मन्दिरों और देवस्थानों से ओत-प्रोत अपूर्व प्राड्डतिक दृश्य है मन को आनन्द से भर देने वाला। नीचे-ऊपर पहाड़ ही पहाड़, झरने, नदियाँ, चारों ओर पिघलती बर्फ लेकर पर्वत शृंखलाएँ ऐसी, जैसे ईश्वर कुछ संदेशा लिखकर लोगों तक पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी … Read more