ड्यूटी | लघुकथा | रत्ना सिंह

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ड्यूटी | लघुकथा | रत्ना सिंह तुम्हारा ही घर है बेटा एक बार नहीं अनेक बार कहती हैं फिर भी पता नहीं जैसे ही फोन आता श्रेया तुम बाहर जाओ, थोड़ी देर में बुला लूंगी।अभी जरा व्यक्तिगत बात करनी है।ये व्यक्तिगत बात क्या होती है श्रेया ने हमेशा से यही सुना और देखा की व्यक्तिगत … Read more

इंटरव्यू | गुलशेर अहमद | Hindi Short Story

कुछ दिनों पहले मैं एक इंटरव्यू देने गया था। जब हम इंटरव्यू के लिए जाते हैं तो बहुत सारे लोग मिलते हैं; कुछ आपके उम्र से बड़े और कुछ छोटे भी होते हैं। सभी में समानता यही होती है कि वो बेरोज़गारी में जी रहे होते हैं और कैसे भी, नौकरी पा लेने की जुगत … Read more

janamdin ka uphar-रूबी शर्मा

जन्मदिन का उपहार         कल खुशी का जन्मदिन है लेकिन वह आज ही बहुत प्रसन्न और उत्साहित है ।उसकी खुशी का ठिकाना न था क्योंकि उसके जन्मदिन में हर वर्ष उसे बहुत अच्छे-अच्छे अनेक उपहार ,कपड़े व अन्य वस्तुएं मिलती थी। बुआ ,मम्मी-पापा, दादा- दादी, चाचा -चाची ,मौसी ,मामा सब उसके लिए … Read more

बीमारी | रत्ना सिंह | लघुकथा

बीमारी | रत्ना सिंह | लघुकथा सोमवार का दिन था आफिस जाना था लेकिन तबियत कुछ ठीक नहीं लगी तो सोचा आज आराम कर लेता हूं।शाम को बतियाने शर्मा जी के यहां चला गया पंचायत चुनाव पर चर्चा हो रही थी,कि शर्मा जी का बेटा नितिन आफिस से आया। कैसा रहा आज आफिस का दिन … Read more

अंतर | Short Story in Hindi | आशा शैली

अंतर | Short Story in Hindi | आशा शैली अंतर पति के देहांत को छः महीने से भी ज्यादा हो गये थे, बेटी बार-बार बुला रही थी। हॉस्टल की वार्डन भी कई बार कह चुकी थी कि ‘बच्ची पिता को लेकर बहुत भावुक है, एक बार आप आकर उसे मिल जाइए थोड़ा-सा हौसला होगा उसे।’घर … Read more

लघुकथा अम्मा उतो | Short Story Amma Uto| पुष्पा श्रीवास्तव ‘शैली’

लघुकथा अम्मा उतो | Short Story Amma Uto| पुष्पा श्रीवास्तव ‘शैली’ माँ आँगन में सोयी थी! माँ पर धूप पड़ रही है फिर भी माँ सोयी है! ऐसे खुले आँगन में माँ को सोते कभी नहीं देखा था! माँ आज इतनी देर तक क्यों सो रही है?मेरे अबोध मन बार बार स्वयं से प्रश्न करता … Read more

इंतजार | लघुकथा | रत्ना सिंह

इंतजार | लघुकथा | रत्ना सिंह बहुत दूर तक वह मेरा पीछा करती रही शायद आवाज भी लगा रही थी मैं सहेलियों के साथ गपशप करने में व्यस्त इसलिए ध्यान नहीं दिया । तभी मेरे फोन की घंटी बजी फोन उठाया। हां मां बस यही सहेलियों के साथ हूं आती हूं, और सहसा पीछे मुड़ी … Read more

रत्ना सिंह की लघुकथा | लघुकथा | short story in hindi

रत्ना सिंह की लघुकथा | लघुकथा | short story in hindi इन्सानियत_रशमी को रह रहकर बहुत दर्द था उसके घर में नया मेहमान जो आने वाला है ।घर की बहू जो ठहरी ,घर के सारे काम काज निपटाने में लगी थी। पांच साल की जानवी भरसक घर के कामकाज में मां का हाथ बंटाती। लेकिन … Read more

ये क्या / रत्ना सिंह | Short Story Ye kya in hindi

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ये क्या / रत्ना सिंह | Short Story Ye kya in hindi ये क्या– रोज की तरह आज भी फोन की घंटी बजी बिना उठा ही मैंने समझ लिया कि सतीश ही होगा। वही फोन करता है इतनी सुबह वरना तो कोई उसे इतनी सुबह पूछता ही नहीं। मैंने लपक के फोन उठाया और फुसफुस … Read more

Karwa Chauth 2021 | करवा चौथ और आरती

‘करवा चौथ और आरती’ कार्तिक माह का आगमन हो चुका था..आरती मन ही मन बहुत परेशान थी, दो दिन बाद ही करवा चौथ का व्रत होगा..पहली बार अकेले सबकुछ करने की सोच से ही वो उदास थी.. चौबीस वर्ष वो संयुक्त परिवार के स्नेहिल माहौल में रही थी, पर इस वर्ष कुछ ऐसा घटित हुआ … Read more