shiksha ka moolyaankan/सीताराम चौहान पथिक

shiksha ka moolyaankan: सीताराम चौहान पथिक की रचना शिक्षा का मूल्यांकन जो वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष है प्रस्तुत है – शिक्षा का मूल्यांकन । विश्व विद्या्लय ज्ञान का विश्व-मन्दिर । अथवा उच्च शिक्षा का आधुनिक फैशन- रैम्प ॽ वहां- फैशन रैम्प – पर टिकटों द्वारा प्रवेश होता है , यहां- शिक्षा परिसर – रैम्प … Read more

hindi kavita sine media darpan /सिने – मीडिया दर्पण|

हिंदी  रचनाकार का प्रयास रहता है hindi kavita sine media darpan समाज से जुडी कविता पाठकों के सामने प्रस्तुत हो  वरिष्ठ साहित्यकार सीताराम चौहान पथिक की रचना सिने – मीडिया दर्पण उस कथन को चरित्रार्थ  कर रही हैं । २०२० में ऐसा ही हुआ जब जाने- माने अभिनेता ने अपने मायानगरी निवास पर आत्महत्या कर … Read more

आत्म – वेदना / सीताराम चौहान पथिक

हिंदीरचनाकर पर  वरिष्ठ साहित्यकार सीताराम चौहान पथिक की रचना आत्मवेदना   पाठकों के सामने प्रस्तुत है – आत्म – वेदना  । मंद पवन तन छू गई , लगा, तुम्हीं हो  पास । काश, देख पाता तुम्हें , मन हो गया  उदास  ।   नूपुर की रुनझुन सुनी , जागा  यह  एहसास । कारण तो कोई बने  … Read more

new year poem /नव- वर्ष से अपेक्षाएं ।

नववर्ष २०२१ पर हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार सीताराम चौहान पथिक की नववर्ष पर रचना नव- वर्ष से अपेक्षाएं(new year poem ) विश्व के हिंदी भाषी लोगो के  लिए प्रस्तुत है ।  नव- वर्ष से अपेक्षाएं । नव- वर्ष की स्वर्णिम प्रभा , जीवन को सुख- समॄद्धि दे । हे     ईश ,   मेरे   देश   के  , … Read more