Hindi Short Story Kanoon | कानून (एक लघु कथा)

Hindi Short Story Kanoon | कानून (एक लघु कथा)

कानून

महादेवा की ओर से बहुत तेज दो युवक अपनी बाइक की चलाते हुए आ रहे थे ।सामने एक अधेड़ सड़क पार कर रहा था। टक्कर लग गई। बूढ़ा गिर पड़ा। उसके सिर में चोट आई ,घुटने में कुछ चोट आई ।वह बेहोश हो गया। लड़के भाग गए।
भीड़ जमा हो गई। कई लोगों ने यह कहा इसे जल्दी से उठा कर अस्पताल ले चला जाए। थोड़ी दूर पर एक पुलिस वाला खड़ा था। उसने कहा–” यह पुलिस केस है। आप इसे छू नहीं सकते,जब तक कि पुलिस इसे अनुमति नहीं देती।” बूढ़ा तड़पता रहा ।लोग तमाशा देखते रहे ।अंत में एक नवयुवक हिम्मत करके सामने आया। उसने कहा–” कानून को जो करना हो, मुझे कर ले। मैं इस बाबा को लेकर अस्पताल जाऊंगा”। उसने एक ऑटो रिक्शा बुलाया। बाबा को में बैठाया और अस्पताल लेकर चला गया।
क्षेत्रीय विधायक को पता चला।। उसने युवक को पता लगाकर उसे पुरस्कृत करने की बात कहा। युवक के घर गया भी। युवक ने कहा –“आप मुझे पुरस्कृत करने की बजाय ,अच्छा होता यह कानून बनवा देते कि यदि कोई घायल होता है, तो उसकी सहायता करने वाले से कोई पूछताछ पुलिस न करें। बल्कि अस्पताल में जाकर पीड़ित से उसका बयान ले और जो करना हो कार्यवाही वह करें।” अगले सत्र में मुख्यमंत्री से मिलकर इस तरह का कानून पास करवाया। लोगों को पता चला तो, लोग युवक की जय-जयकार करने लगे।

शिक्षा – इस लघुकथा में हमे शिक्षा मिलती है कि हमें इंसानियत को नहीं भूलना चाहिए , युवक ने आगे आकर वृद्ध आदमी की सहायता की उसने पुलिस का इंतज़ार नही किया मानवता का धर्म ये कहानी हमको सिखाती है।

आपको Hindi Short Story Kanoon | कानून (एक लघु कथा) / डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेद्वी शैलेश वाराणसी द्वारा रचित लघुकथा कैसी लगी , अपने सुझाव कमेन्ट बॉक्स मे अवश्य बताए अच्छी लगे तो फ़ेसबुक, ट्विटर, आदि सामाजिक मंचो पर शेयर करें इससे हमारी टीम का उत्साह बढ़ता है। आपकी रचनात्मकता को हिंदीरचनाकार देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए help@hindirachnakar.in सम्पर्क कर सकते है| whatsapp के माद्यम से रचना भेजने के लिए 91 94540 02444,  संपर्क कर कर सकते है।

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Abhimanyu

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