Motivational poem in hindi -फल/डॉ० सम्पूर्णानंद मिश्र

डॉ० सम्पूर्णानंद मिश्र की रचना फल Motivational poem in hindi प्रेेरणा दायक कविता का सार यह है कि फल वही प्राप्त कर पाता है जिन्होंने अहंकार के
वृहदाकार खोह को प्यार की मिट्टी से पाटा हो,वही व्यक्ति सच्चा सुख प्राप्त कर पाता है प्रस्तुत है रचना-

फल

(Motivational poem in hindi)


वृहद सुख की कामना
मन में लिए
घूम रहा है मनुष्य इधर- उधर
उस मृग की तरह
छद्माभास जिसे होता है अनवरत
छद्माभास
एक गंभीर रोग है नज़र का
जिसके ताने- बाने को
सत्ता और संपत्ति ने ही बुना है
निरंतर सिलता है
सत्ता और संपत्ति
अहंकार के ही परिधान को
भटक रहा है सदियों से इंसान
इसीलिए इसे धारण कर
नरक का पथ निर्मित होता है अहंकार से
क्योंकि इस दोष से नहीं बच सके हैं

बड़े- बड़े संन्यासी
इसीलिए नहीं चख सके
समता के फल के स्वाद को
क्योंकि
समता के फल का स्वाद
मिलता है उन्हीं को
जिन्होंने अहंकार के
वृहदाकार खोह को
प्यार की मिट्टी से पाटा हो
देश के कुछ संतों ने पाटा था इसे
चख सके इसीलिए
समता के फल के
मीठे स्वाद को वे

Motivational poem hindi

डॉ० सम्पूर्णानंद मिश्र
प्रयागराज फूलपुर
7458994874

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