त्राटक क्रिया – Tratak Kriya in Hindi/ डॉ. रवि

त्राटक क्रिया – Tratak Kriya in Hindi :  त्राटक   का सामान्य  अर्थ  है  चंद्रमा, प्रकाशित तारे, पर्वत के शिखर, वृक्ष के पत्तों के अग्र भाग आदि किसी दूरवर्ती लक्ष्य पर दृष्टि स्थिर रखने की क्रिया  है  यह ध्यान का एक  रूप  है  जिससे  एकाग्रता  का  विकास होता है , स्मरण शक्ति  बढ़  जाती  है। 

वेदान्त त्राटक

  • बैशाख पूर्णिमा  के अवसर पर परमात्मा की कृपा से अमृत तुल्य भगवान चन्द्र के सान्निध्य में यज्ञ एवम त्राटक शिविर वेदान्त आरोग्यम रायबरेली
  • हठयोग व षट्कर्म में शरीर व मन की शांति,आत्मज्ञान में त्राटक अत्यंत महत्वपूर्ण है।।
  • समाहित और एकाग्रचित्त होकर मनुष्य निश्चल दृष्टि से सूक्ष्म लक्ष्य को अर्थात लघु पदार्थ को चंद्रमा आदि तब तक देखते रहे जब तक की अश्रु पात न हो जाएं उसे त्राटक कहते है।अर्थात स्वयंम को भौतिक आयाम से विलीन करते हुए सुछम शरीर पिंड के चक्रों का आंतरिक दर्शन करते हुए आत्म तत्व को अनुभव करना,आभ्यंतर त्राटक का स्वरूप है।।

त्राटक,मध्य त्राटक,आभ्यन्तर त्राटक 

  • बाह्य त्राटक– कार्तिक पूर्णिमा के चंद्रमा, प्रकाशित तारे, पर्वत के शिखर, वृक्ष के पत्तों के अग्र भाग आदि किसी दूरवर्ती लक्ष्य पर दृष्टि स्थिर रखने की क्रिया को बाह्य त्राटक कहते है।
    चंद्रमा या प्रातः लाल सूर्य पर त्राटक लगाने के अद्भुत लाभ होते है जैसे कि दूर दृष्टि की प्राप्ति होती है,दिव्य दृष्टि की प्राप्ति होती है,नेत्र शक्ति की प्राप्ति होती है, शुक्र धातु की पुष्टि होती है,शरद पूर्णिमा के चंद्रमा पर त्राटक करने से नेत्र की शीतलता एवं चेहरे पर कांति आती है।।
  • त्राटक करने में हमे सावधानियां भी बरतनी पड़ती है जैसे त्राटक की क्रिया में नेत्र में उष्णता बढ़ती है क्योंकि गरम अश्रुपात हो तो त्राटक के बाद नेत्रो एवं मुख को जल से धो लेना चाहिए।
  • योग त्राटक के द्वारा बृह्माण्ड की ज्यामिति संरचना से स्वयंम को मेल करना।।
  • पूर्णिमा के दिन जब चन्द्रमा पृथ्वी के अत्यंत समीप होता है तब मनुष्य में जो भावना होती है वो अत्यंत प्रबल हो जाती है जैसे मनोरोगी का तनाव बढ़ जाता है।शांत व्यक्ति की शांति बढ़ जाती है।
  • ज्वारभाटा प्रबल हो जाता है।
  • प्रत्येक पूर्णिमा गंभीर व मानसिक रोगियों हेतु एवं शांति सुख आनंद प्राप्ति हेतु विशेष त्राटक शिविर वेदान्त आरोग्यम में (।।पूर्व में रजिस्ट्रेशन कराए।।

tratak-kriya-in-hindi

वेदांतजीवनदर्शन।।योगवेदांतम।।डॉ रवि।।

वेदान्त आरोग्यम
आयुर्वेद योग प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र
एवम
नाड़ी जांच,पंचकर्म, छारसूत्र, अग्निकर्म चिकित्सा केंद्र
वेदान्त मार्ग आचार्य द्विवेदी नगर जेल रोड
रामद्वार रायबरेली

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Abhimanyu

मेरा नाम अभिमन्यु है इस वेबसाइट को हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए बनाया गया इसका उद्देश्य सभी हिंदी के रचनाकारों की रचना को विश्व तक पहचान दिलाना है

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